सबसे सुघर,अलबेली। हमारी भाषा बुन्देली। सबसे सुघर,अलबेली। हमारी भाषा बुन्देली।
जब हकीकत से सामना होता है पैरों तले जमीन खिसक जाती है। जब हकीकत से सामना होता है पैरों तले जमीन खिसक जाती है।
मुझे पहचानना चाहते हो तो देखो, सुबह की चहचहाती चिड़िया, सुलगती दहकती चिंगारी मुझे पहचानना चाहते हो तो देखो, सुबह की चहचहाती चिड़िया, सुलगती दहकती चिंगारी
मुझमें भी नए परिंदों ने अपना आशियाना बसा लिया। मुझमें भी नए परिंदों ने अपना आशियाना बसा लिया।
अदम्य जोश से जवान देश को सँवारते। अदम्य जोश से जवान देश को सँवारते।
हिंदुत्व की राख हिंदुत्व में मिल जानी है। हिंदुत्व की राख हिंदुत्व में मिल जानी है।